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हिंदी कहावतें |

१. चार दिन की चांदनी फ़िर अँधेरी रात |
२. लोहा लोहे को काटता है |
३. अंत भला तो सब भला |
४. हर चमकनेवाली चीज़ सोना नहीं होती |
५. जल में रहकर मगर से बैर ठीक नहीं |
६. भैंस के आगे बीन बजाना |
७. नेकी कर दरिया में ढाल |
८.नाम बड़े और दर्शन छोटे |
९. मुख में राम बगल में छूरी |
१०. डूबते को तिनके का सहारा |
११. अँधा क्या जाने बसंत की बहार |
१२. बोए पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय |
१३. अपना वही जो आवे काम |
१४. दान की बछिया के दांत नहीं गिने जाते |
१५. एक और एक ग्यारह होते हैं |
१६. जैसा देश वैसा भेष |
१७.आगे कुऑं पीछे खाई |
१८. अन्धों की दुनियाँ में आईना बेचना |
१९. बन्दर क्या जाने अदरक का स्वाद |
२०. एक हाथ से थाली नहीं बजती |
मूल:संग्रह।

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